भारत के संविधान के नीति निर्देशक तत्व में प्रावधान किया गया है कि राज्य लोक कल्याण की अभिवृद्धि के लिए सामाजिक व्यवस्था बनायेगा (अनुच्छेद 38), अनुसूचित जातियों एवं अनुसूचित जनजातियों और अन्य दुर्बल वर्गो कें शिक्षा और अर्थ संबंधी हितों की अभिवृद्धि करेगा (अनुच्छेद 46)

उपर्युक्त प्रावधानों के आलोक में राज्य सरकार द्वारा अनुसूचित जाति के शैक्षणिक सामाजिक आर्थिक एवं सांस्कृतिक विकास के लिए कई योजना संचालित की गई है। परंतु पिछले 60 वर्षो का अनुभव यह रहा है कि अनुसूचित जाति का एक बड़ा तबका इन योजनाओं से बिल्कुल ही अछुता रह गया है। संविधान के प्रावधान के आलोक में सरकार का यह दायित्व बनता है कि विकास की धारा से अछूते रह गए अनुसूचित जाति में चिन्हित तबके के लिए विशेष योजना तैयार की जाए।

इसी पृष्ठभूमि में राज्य सरकार ने अपने अधिसूचना संख्या 11 वी 01-विविध-17/2007 का 02950/ पटना 15 दिनांक 30/08/2007 को अनुसूचित जातियों में महादलितों में शैक्षणिक सामाजिक आर्थिक आदि सभी क्षेत्रों में सम्यक विकास हेतु अनुशंसा करने के लिए राज्य महादलित आयोग बिहार का गठन किया था।

राज्य महादलित आयोग ने अपने प्रथम अंतरिम प्रतिवेदन में बिहार महादलित विकास मिशन के निर्माण का सुझाव राज्य सरकार को दिया था। राज्य सरकार द्वारा इस आलोक में बिहार महादलित विकास मिशन का गठन 07/04/2008 को किया गया।

बिहार महादलित विकास मिशन अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग के अन्तर्गत एक स्वायत इकाई है जिसका निबंधन संस्थाओं के निबंधन एक्ट 1860 के तहत करवाया गया है। माननीय मुख्यमंत्री बिहार को बिहार महादलित विकास मिशन का अध्यक्ष गया कालांतर में मिशन की आम सभा द्वारा विकास आयुक्त को मिशन का अध्यक्ष नामित किया गया।

विजन

सभी महादलितों को उनकी मूलभूत आवश्यकताओं की पूर्ति करते हुए सामाजिक आर्थिक सांस्कृतिक रूप से सशक्त बनाते हुए समाज निर्माण में उनकी पूर्ण सहभागिता सुनिश्चित करना।

उद्देश्य एवं कार्य

महादलित बस्तियों एवं महादलितों का सर्वक्षण कराकर उनके विकास की कार्य योजना तैयार करना

राज्यस्तरीय मिशन के प्रबंधन एवं अनुश्रवण हेतु गठित आम सभा एवं कार्यकारिणी समिति के साथ त्रिस्तरीय कार्यालय का निर्माण किया गया है। प्रथम स्तर पर राज्य मिशन कार्यालय द्वितीय स्तर पर जिला मिशन कार्यालय एवं तृतीय स्तर पर प्रखंड मिशन कार्यालय का गठन मंत्रीपरिषद की स्वीकृति के उपरांत किया गया है। पंचायत एवं वार्ड (शहरी) स्तर पर मिशन एवं महादलित समुदाय के बीच विकास मित्र कार्य कर रहें हैं। इस प्रकार मिशन राज्य स्तर से पंचायत वार्ड (शहरी) स्तर तक अपनी संरचना के द्वारा महादलित विकास का कार्य कर रहा है।